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भारतमाता की जय से बच्चों ने जाना भारतीय संस्कृति को….

By on April 8, 2022 0 207 Views

रामनगर। राजकीय इंटर कालेज ढिकुली के बाल सखा प्रकोष्ठ व रचनात्मक शिक्षक मण्डल की संयुक्त पहल पर बच्चों ने भारतीय संस्कृति पर केंद्रित फिल्में देखीं।रिवर साइड बाई आहमा में हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखित पुस्तक भारत एक खोज पर आधारित एपिसोड भारत माता की जय से हुई। प्रख्यात निर्देशक श्याम बेनेगल निर्मित इस एपिसोड में जहां नेहरू एक ओर भारत माता के जय नारे के वास्तविक अर्थ को विस्तार से जनसमूह को समझाते हैं वहीं दूसरी ओर हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति के विकास पर प्रकाश डालते हैं।

कार्य्रकम संयोजक नवेन्दु मठपाल ने भारतीय सिनेमा के श्वेत श्याम से रंगीन होने तक कि कहानी को विस्तार से समझाया।
बच्चों ने एकतारा ग्रुप द्वारा भारतीय शिक्षा की विसंगतियों को दिखाती डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म चंदा के जूते भी देखी। एक गरीब परिवार से वास्ता रखने वाली चंदा का एक बड़े स्कूल में एडमिशन करा दिया जाता है,पर चंदा को जूते पहनना पसंद नहीं।जूते के बहाने से निदेशक ने कैसे गरीब बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से ही बाहर रह जा रहे हैं को बेहतरीन तरीके से फिल्माया है।
बच्चों ने चरनदास चोर भी देखी। यह 1975 में श्याम बेनेगल द्वारा बनाई गई एक प्रसिद्ध फिल्म है, जो हबीब तनवीर के प्रसिद्ध नाटक पर आधारित है। इसका मूल स्रोत विजयदान देथा नामक लोककथा है । फिल्म के गीत भी हबीब तनवीर ने दिए थे।


कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी बच्चों को शहीद ए आजम भगतसिंह द्वारा लिखे गए लेखों पर आधारित पुस्तकें दी गयीं।
इस मौके पर बाल कल्याण समिति सचिव दिनेश रावत, कोषाध्यक्ष रमेश बिष्ट,आहमा के क्लस्टर जनरल मैनेजर दीपू नायर,जनरल मैनेजर सुनील कुमार,किशन दत्त पन्त मो कमर, अध्यक्ष धीरेंद्र धीरेंद्र छिमवाल ,प्रोफेसर गोविंद सिंह रावत ,सेवानिवृत्त वित्त अधिकारी नरेंद्र नैनवाल ,राजेश रिखा डी,अतुल सिंह,मो हसीब समेत बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।