धामी सरकार ने पेश किया ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट: जानिए पैसा कहां से आता है और कहां खर्च होता है ?
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य के विकास को गति देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और किसानों व गरीब वर्ग को राहत देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
सरकार ने इस बजट में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और लोगों की आय में भी वृद्धि होगी।
बजट को आसान भाषा में समझें
सरल शब्दों में कहें तो बजट वह योजना है जिसमें सरकार यह तय करती है कि उसके पास साल भर में कितना पैसा आएगा और वह पैसा किन-किन कामों में खर्च किया जाएगा।
सरकार के अनुमान के अनुसार वर्ष 2026-27 में राज्य को अलग-अलग स्रोतों से करीब 1 लाख 10 हजार 143 करोड़ रुपये की आय होगी, जबकि कुल खर्च 1 लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यानी सरकार की आय से खर्च थोड़ा ज्यादा होगा, जिसे पूरा करने के लिए कर्ज का सहारा लिया जाएगा।
फिलहाल उत्तराखंड पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज पहले से ही है।
सरकार के पास कहां से आता है पैसा
राज्य सरकार की आय कई स्रोतों से होती है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा टैक्स यानी कर से आता है। इसके अलावा केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि, सरकारी सेवाओं से मिलने वाली फीस और जरूरत पड़ने पर लिया गया कर्ज भी राज्य की आय का हिस्सा होता है।
बजट के अनुसार, वर्ष 2026-27 में राज्य को करीब 43,327 करोड़ रुपये टैक्स से मिलने का अनुमान है। इसमें राज्य के अपने टैक्स और केंद्र सरकार के टैक्स में मिलने वाला हिस्सा शामिल है।
जीएसटी और अन्य टैक्स से होती है बड़ी कमाई
राज्य की सबसे बड़ी आय जीएसटी से होती है। जब लोग सामान खरीदते हैं या कंपनियां व्यापार करती हैं तो उस पर जीएसटी लगता है और उसका एक हिस्सा राज्य सरकार को मिलता है।
इसके अलावा पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला वैट, शराब पर एक्साइज ड्यूटी, जमीन की खरीद-फरोख्त पर स्टाम्प ड्यूटी और वाहनों के रजिस्ट्रेशन से मिलने वाला टैक्स भी सरकार की आय बढ़ाते हैं।
सरकारी संसाधनों से भी होती है कमाई
टैक्स के अलावा सरकार जंगल, खनन, बिजली परियोजनाओं की रॉयल्टी और पर्यटन से मिलने वाली फीस से भी आय प्राप्त करती है।
इन सभी स्रोतों को मिलाकर सरकार को करीब 4,395 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।
केंद्र सरकार से भी मिलता है बड़ा सहयोग
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए केंद्र सरकार की आर्थिक मदद काफी महत्वपूर्ण होती है।
बजट के अनुसार, राज्य को केंद्र के टैक्स में हिस्सेदारी के रूप में लगभग 15,903 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं और अनुदान के रूप में करीब 18,227 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
जरूरत पड़ने पर लिया जाता है कर्ज
जब सरकार का खर्च उसकी आय से अधिक हो जाता है तो उस अंतर को पूरा करने के लिए सरकार कर्ज लेती है। उत्तराखंड सरकार भी जरूरत पड़ने पर बाजार से कर्ज लेती है। कर्ज का पैसा आमतौर पर विकास कार्यों और परियोजनाओं में लगाया जाता है।
सरकार का पैसा कहां खर्च होता है
वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार का कुल खर्च 1 लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
इसमें से करीब 64,989 करोड़ रुपये रोजमर्रा के सरकारी खर्चों में जाएंगे, जबकि 46,713 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
रोजमर्रा के खर्च में कर्मचारियों का वेतन, पेंशन, सरकारी कार्यालयों का खर्च और सामाजिक योजनाएं शामिल होती हैं।
ब्याज चुकाने में भी खर्च होती है बड़ी रकम
सरकार को अपने पुराने कर्ज पर हर साल ब्याज भी चुकाना पड़ता है। इस वित्तीय वर्ष में लगभग 7,929 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान में खर्च होंगे।
सड़क और बुनियादी ढांचे पर जोर
पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में सड़क और कनेक्टिविटी सबसे बड़ी जरूरत है। इसलिए सरकार सड़क निर्माण, पुलों के निर्माण और दूरस्थ गांवों को सड़क से जोड़ने पर लगातार निवेश बढ़ा रही है।
सरकार का मानना है कि बेहतर सड़कें बनने से पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
इन विभागों को मिला ज्यादा बजट, इस बजट में कई विभागों के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है।
- लोक निर्माण विभाग – ₹2,501.91 करोड़
- पेयजल विभाग – ₹1,827.91 करोड़
- ग्रामीण विकास विभाग – ₹1,642.20 करोड़
- ऊर्जा विभाग – ₹1,609.43 करोड़
- शहरी विकास विभाग – ₹1,401.85 करोड़
- माध्यमिक शिक्षा विभाग – ₹542.84 करोड़
पर्यटन से भी बढ़ेगी राज्य की आय
सरकार का मानना है कि पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की आय में तेजी लाई जा सकती है। चारधाम यात्रा, हिमालयी पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
पर्यटन ढांचे को मजबूत बनाने से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

