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बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में न्याय को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का संदेश

By on May 18, 2026 0 4 Views

नैनीताल। माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशन एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी के निर्देशन में रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज, ल्वेशाल, नैनीताल में बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सिविल जज (सी०डि०)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल थपलियाल द्वारा किया गया।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी उपस्थित रहे। उनके साथ धर्मपत्नी श्रीमती मंजु तिवारी, सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदीप मणि त्रिपाठी तथा विशेष कर्तव्य अधिकारी हर्ष यादव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी विवेक राय एवं एसपी क्राइम जगदीश चन्द ने भी आमजन को विभिन्न विधिक जानकारियाँ प्रदान कीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। राजकीय इंटर कॉलेज ल्वेशाल के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि राजकीय इंटर कॉलेज मोना के विद्यार्थियों ने कुमाऊँनी नृत्य से सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। लोक सूचना विभाग द्वारा “नशा मुक्त उत्तराखण्ड” विषय पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया।

शिविर के दौरान चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं तथा हाईस्कूल परीक्षा 2025-26 में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही 21 पैरा लीगल वॉलिंटियर्स को भी सम्मानित किया गया।

समाज कल्याण विभाग, सुनिधि विकास संस्था हल्द्वानी एवं ऑनलाइन संस्था हल्द्वानी के सहयोग से दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, कान की मशीन एवं लाठियों का वितरण किया गया। वहीं “गर्ल्स हू क्राफ्ट” संस्था द्वारा बच्चों को स्वेटर वितरित किए गए।

सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं, “वन विलेज वन प्रो बोनो पीएलवी” तथा “मुकदमा मुक्त ग्राम” पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन ग्रामों में कोई मुकदमा नहीं होता, उन्हें आदर्श ग्राम मानते हुए सम्मानित किया जाता है।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का उद्देश्य न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, विशेषकर उन लोगों तक जिनके पास सीमित संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाना भी इसका उद्देश्य है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण किया गया, वहीं आमजन को कानूनी परामर्श एवं सहायता भी प्रदान की गई। शिविर में हल्द्वानी एवं रामनगर बाह्य न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी, उपजिलाधिकारी नवाजिश, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पीएलवी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।