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जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया बल, कॉर्बेट में भारत-नेपाल के अधिकारियों का मंथन

By on July 24, 2026 0 17 Views

रामनगर। जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और भारत-नेपाल के बीच सीमा पार समन्वय को मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक सभागार में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत, शुक्लाफाँटा राष्ट्रीय उद्यान, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ नेपाल समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य सीमा पार वन्यजीव संरक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन, अनुसंधान, निगरानी और मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी समाधान के लिए अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम में कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक राहुल मिश्रा (IFS) और पार्क वार्डन बिंदर पाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कार्बेट की कार्यप्रणाली, समृद्ध जैव विविधता, बाघ संरक्षण और आधुनिक प्रबंधन रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रस्तुतीकरण में एम-स्ट्राइप्स पेट्रोलिंग, ई-सर्विलांस, ड्रोन तकनीक, अवैध शिकार रोकथाम, घास के मैदानों का पुनर्स्थापन, लैंटाना उन्मूलन, जल स्रोत संरक्षण, कैमरा ट्रैपिंग, टाइगर सेल की कार्यप्रणाली, मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण, वन्यजीव रेस्क्यू, सामुदायिक सहभागिता, वैकल्पिक आजीविका, रामगंगा नदी में प्लास्टिक उन्मूलन, घड़ियाल और हॉग डियर संरक्षण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की गई।
बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने संरक्षण से जुड़े अनुभवों, चुनौतियों और नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की। नेपाल के प्रतिनिधियों ने कार्बेट में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन, प्रभावी गश्ती व्यवस्था और सामुदायिक सहभागिता आधारित संरक्षण मॉडल की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय बताया।
बैठक में भविष्य में भी भारत और नेपाल के बीच नियमित संवाद, तकनीकी सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान को और अधिक मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
इस अवसर पर भारत और नेपाल के वन विभागों, संरक्षण एजेंसियों तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।