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नैनीताल में निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट होगा, डीएम ने जारी किए सख्त निर्देश, फायर एनओसी, भवन सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्थाओं की होगी गहन जांच, 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

By on June 24, 2026 0 8 Views

नैनीताल/हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद के सभी निजी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा जोखिम न्यूनीकरण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पूर्व में गठित संयुक्त निरीक्षण समितियां अब अपने क्षेत्राधिकार में संचालित सभी निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण करेंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक संस्थानों में हुई अग्निकांड एवं अन्य दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान संस्थानों की मान्यता, पंजीकरण एवं अनुमति पत्रों की जांच के साथ-साथ अग्निशमन विभाग द्वारा जारी फायर एनओसी की वैधता और उसके अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास व्यवस्था की उपलब्धता एवं कार्यशीलता का परीक्षण भी किया जाएगा।
संयुक्त टीमें भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, स्वीकृत क्षमता और वास्तविक छात्र संख्या का मिलान करेंगी। विद्युत वायरिंग, डीजी सेट, इन्वर्टर, गैस भंडारण समेत संभावित अग्नि जोखिमों की भी जांच होगी। साथ ही कक्षाओं, गलियारों, सीढ़ियों और निकास मार्गों की चौड़ाई तथा उनकी अवरोध-मुक्त स्थिति का आकलन किया जाएगा।
निरीक्षण में आपदा प्रबंधन योजना, निकासी मानचित्र, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, नियमित मॉक ड्रिल और कर्मचारियों को दिए गए प्रशिक्षण की भी समीक्षा होगी। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, प्रवेश-निकास नियंत्रण व्यवस्था, छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और शिकायत निवारण तंत्र की उपलब्धता भी परखी जाएगी।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित निकासी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्यकर वातावरण तथा विद्यालय वाहनों की सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालन की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा राहत एवं बचाव वाहनों की संस्थानों तक निर्बाध पहुंच की स्थिति का भी परीक्षण होगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अधिक छात्र संख्या वाले निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों को सभी आवश्यक अभिलेख और अनुमतियां उपलब्ध करानी होंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित अधिनियमों और नियमों के तहत विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। सभी संयुक्त निरीक्षण समितियों को निरीक्षण पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।