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जिप्सी रोटेशन में 38 विकल्प देने से नाराज जिप्सी मालिकों ने विधायक प्रतिनिधि मदन जोशी का पुतला फूंका
रामनगर। कॉर्बेट में जिप्सी रोटेशन का बवाल थमने का नाम नही ले रहा है। कल रोटेशन के पक्ष और विपक्ष के साथ हुए समझौते से कई जिप्सी मालिक नाखुश हैं। जिसके चलते उन्होंने कॉर्बेट रिसेप्शन के आगे कल शाम से ही धरना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों से जिप्सी रोटेशन को लेकर कॉर्बेट में हलचल तेज है।
कॉर्बेट प्रशासन के जिप्सी में रोटेशन शुरू करने की कवायद शुरू की। जिसके बाद रिसॉर्ट्स और टूर ऑपरेटर्स के साथ ही जिप्सी ड्राइवर्स का एक धड़ा इसका विरोध करने लगा। इन्होंने कॉर्बेट डायरेक्टर आफिस के सामने तम्बू गाड़ कर धरना देना शुरू किया। कल शाम मामले ने एक नया मोड़ ले लिया। यहां दोनों पक्षो के बीच समझौता हुआ।
इस समझौते में यह तय किया गया है कि एक जिप्सी एक महीने में 38 बार अपने गेस्ट का चयन कर सकती है। इसके साथ ही उसमे यह नियम भी लिख दिया गया कि पर्यटन जोन गेट से अधिकतम 20 किलोमीटर तक जिप्सी पर्यटक को पिक और ड्राप करेगी। जिप्सी मालिक पहले तो इसे एक महीने में अपनी जिप्सी अधिकतम 38 बार पार्क के अंदर समझ रहे थे। लेकिन जब पूरा माजरा उनकी समझ आया तो वह बिफर पड़े। और धरना शुरू कर दिया। जिप्सी मालिक प्रेम कहते हैं कि 360 जिप्सियों को एक महीने में 13680 बार पर्यटक चुनने की छूट मिलेगी। जबकि डे विजिट में पार्क में अधिकतम 7200 बार ही जिप्सी जा सकेगी। वह भी 15 अक्टूबर के बाद। इस गणित में अभी विभागीय परमिट नही जोड़े गए हैं। प्रेम का यह भी कहना हैं कि इस रोटेशन को लागू कर पार्क प्रशासन किसे खुश कर रहा है, यह समझा जा सकता है।

