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उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ, सीएम धामी ने वितरित किए मान्यता प्रमाण पत्र, मदरसा बोर्ड की जगह नई व्यवस्था लागू, विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकें भी भेंट कीं

By on July 1, 2026 0 14 Views

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र वितरित किए तथा विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकें भेंट कर गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्म की समृद्ध परंपरा वाली भूमि है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2026 से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है और मदरसा बोर्ड के स्थान पर नई व्यवस्था लागू की है।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य किसी समुदाय की पहचान या परंपराओं को प्रभावित करना नहीं, बल्कि सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार चाहती है कि विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और नई तकनीकों में दक्ष बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और डिजिटल तकनीक का है। ऐसे में राज्य का कोई भी बच्चा आधुनिक शिक्षा और तकनीकी विकास की दौड़ में पीछे न रहे, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य में डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं, कौशल विकास, स्टार्टअप और आधुनिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। नया प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मान्यता प्राप्त संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञानवान, संस्कारित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करें। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्राधिकरण आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उत्तराखण्ड को समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक उमेश शर्मा काउ, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, धर्मगुरु, शिक्षाविद एवं विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।